
सनराइज अस्पताल कांड में बड़ा अपडेट: पीड़ित परिवार से मिले सपा जिलाध्यक्ष शिवचरण कश्यप, सोहेल खान और अस्पताल पर FIR दर्ज कराने की तैयारी
बरेली।
सनराइज अस्पताल में 28 नवंबर को टीटू वाल्मीकि की संदिग्ध मौत और मामले की रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकार संतोष शाक्य पर हुए हमले के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर जारी इस चुप्पी के बीच अब राजनीतिक दबाव स्पष्ट रूप से बढ़ता दिखाई दे रहा है।
शनिवार देर शाम समाजवादी पार्टी बरेली के जिला अध्यक्ष शिवचरण कश्यप पीड़ित वाल्मीकि परिवार से मिलने खुली ताहरपुर पहुंचे। परिवार की हालत देखकर वे भावुक नजर आए और उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार के साथ जो हुआ है, वह बेहद गंभीर है और इस पूरे मामले में तत्काल FIR दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ एक मौत का मामला नहीं है, बल्कि अस्पताल की भूमिका और पत्रकार पर हमले से जुड़ा गंभीर प्रकरण है।
शिवचरण कश्यप ने कहा कि सनराइज अस्पताल के डॉक्टरों और अस्पताल मैनेजर सोहेल खान की भूमिका संदेह के घेरे में है और इन सभी बिंदुओं को लेकर वह सोमवार को आला अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात में पीड़ित परिवार की ओर से औपचारिक रूप से FIR दर्ज कराने की मांग रखी जाएगी, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो।
उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकार पर हुआ हमला प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है और इस मामले में पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। यदि अब भी लापरवाही बरती जाती है तो यह प्रशासन की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े करेगा।
महत्वपूर्ण अपडेट यह है कि समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष शिवचरण कश्यप के पहुंचने से पहले आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के जिला उपाध्यक्ष मनोज कुमार वाल्मीकि अपनी पूरी टीम के साथ पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे। उनके साथ पार्टी और सामाजिक संगठनों के कई पदाधिकारी मौजूद थे। मनोज वाल्मीकि ने परिवार से मुलाकात के बाद कहा था कि पीड़ित परिवार की स्थिति बेहद दयनीय है और इस प्रकरण में तत्काल FIR दर्ज कराई जानी चाहिए, ताकि दोषियों के खिलाफ कानूनन कार्रवाई शुरू हो सके।
इसी क्रम में जिला समाज कल्याण अधिकारी भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने समाज कल्याण विभाग की ओर से हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया और कहा कि विभाग की तरफ से पीड़ित परिवार को सरकारी योजनाओं और मदद से जोड़ा जाएगा, ताकि इस कठिन समय में उन्हें आवश्यक सहारा मिल सके।
इन लगातार हो रही राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक स्तर की मुलाकातों से यह स्पष्ट होता है कि सनराइज अस्पताल प्रकरण को लेकर दबाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन अब भी सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि FIR कब दर्ज होगी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब शुरू होगी।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब सबकी निगाहें सोमवार को होने वाली आला अधिकारियों से मुलाकात पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि सनराइज अस्पताल कांड में कानून आगे बढ़ता है या फिर पीड़ित परिवार को अभी और इंतजार करना पड़ेगा।
