
फाइक एन्क्लेव के मालिक मोहम्मद आरिफ पर शिकंजा,समाजवादी पार्टी के एक नेता और भाजपा के बड़े चेहरे द्वारा ‘मैनेजमेंट’ की चर्चाओं से बरेली में सियासी भूचाल
रिपोर्ट/अमन
बरेली।बरेली में अवैध निर्माणों के खिलाफ चल रहे प्रशासनिक अभियान की आंच अब सीधे फाइक एन्क्लेव के मालिक मोहम्मद आरिफ तक पहुंच गई है।
आपको बता दे शिकायतकर्ता का आरोप है कि मोहम्मद आरिफ ने सरकारी तालाबों, सीलिंग की जमीन, चकमार्ग और अन्य सरकारी भूखंडों पर कब्जा कर करोड़ों रुपये की आलीशान कोठियां और पूरी कॉलोनी खड़ी कर दी।
जैसे-जैसे प्रशासन ने दोबारा जांच तेज की है, वैसे-वैसे राजनीतिक संरक्षण और ‘मामला मैनेज’ किए जाने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी के एक नेता और भाजपा के एक प्रभावशाली चेहरे द्वारा इस पूरे मामले को दबाने और कार्रवाई की दिशा बदलने की कोशिशें की जा रही हैं।
हालांकि प्रशासनिक स्तर पर इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कार्रवाई की रफ्तार ने शहर की राजनीति में हलचल जरूर मचा दी है।
फाइक एन्क्लेव पर बुलडोज़र का साया सरकारी ज़मीन की प्रारंभिक पुष्टि पीलीभीत बाइपास पर विकसित फाइक एन्क्लेव को लेकर प्रशासन के पास आई प्रारंभिक रिपोर्टों में सरकारी ज़मीन पर निर्माण की बात सामने आई है।
मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी के अनुसार, एसडीएम सदर की अगुवाई में विशेष टीम गठित की जा रही है, जो मौके पर मापन, अभिलेखों का मिलान और सीमांकन कर अंतिम रिपोर्ट देगी। यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
पुरानी जांच, एफआईआर फिर भी कार्रवाई क्यों रुकी?
यह पहला मौका नहीं है जब फाइक एन्क्लेव सवालों के घेरे में आया हो। पूर्व मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल के कार्यकाल में भी जांच कराई गई थी, जिसमें सीलिंग की जमीन पर कब्जे की पुष्टि होने पर लेखपाल द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
इसके बावजूद वर्षों तक कोई ठोस कार्रवाई न होना, रसूख और सिफारिश के आरोपों को जन्म देता रहा।
बीडीए की सख्ती—बिना नक्शा पास बने मकान
बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) के अनुसार, फाइक एन्क्लेव में अधिकांश मकान बिना नक्शा पास कराए बनाए गए हैं।
बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंडन ए. का कहना है कि नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी और जहां भी उल्लंघन मिलेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। कई कब्जेदारों द्वारा नोटिस का जवाब तक न देने की बात भी सामने आई है।
व्यावसायिक संपत्तियां भी जांच में
मोहम्मद आरिफ से जुड़े फहम लॉन, स्काई लार्क होटल और फ्लोरा गार्डन भी जांच के दायरे में हैं।
बीडीए के अनुसार, नक्शे स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण नक्शे के विपरीत किया गया और पार्किंग मानकों का उल्लंघन पाया गया है।
संयुक्त सचिव दीपक कुमार ने पुष्टि की है कि नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
निवासियों में बेचैनी जांच तेज होने से फाइक एन्क्लेव के निवासियों में चिंता का माहौल है, वहीं शहर में राजनीतिक संरक्षण बनाम प्रशासनिक सख्ती की बहस तेज हो गई है।
यदि जांच में सरकारी तालाबों और अन्य सार्वजनिक ज़मीनों पर कब्जे की पुष्टि होती है,तो यह बरेली की सबसे बड़ी बुलडोज़र कार्रवाई बन सकती है।
