
जलालाबाद में साइबर ठगी का तिलिस्म टूटा, फर्जी स्टॉक मार्केट निवेश रैकेट का भंडाफोड़
–पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम
शाहजहांपुर। ऑनलाइन स्टॉक मार्केट निवेश के नाम पर संगठित साइबर ठगी करने वाले गिरोह का जलालाबाद में बड़ा खुलासा हुआ है। जनपदीय साइबर क्राइम सेल और थाना जलालाबाद की साइबर क्राइम हेल्पडेस्क की संयुक्त टीम ने फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर देशभर के लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस सराहनीय कार्रवाई पर एसपी राजेश द्विवेदी ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस ने मौके से 69 लैपटॉप, महिंद्रा थार कार, चार मोटरसाइकिल, बैंक ऑफ इंडिया का एक क्यूआर कोड, 34 लैपटॉप चार्जर, एक प्रिंटर, 10 मोबाइल फोन, 26 नए एयरटेल सिम कार्ड, 10 खुली सिम और दो चेकबुक बरामद की हैं। एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि प्रतिबिंब पोर्टल पर चिन्हित एक संदिग्ध मोबाइल नंबर की साइबर क्राइम सेल ने प्रारंभिक जांच की। लोकेशन ट्रेस करने पर नंबर जलालाबाद क्षेत्र में सक्रिय मिला, जो SLG DIGI PVT. LTD. कंपनी के नाम पर पंजीकृत था। एनसीआरपी और समन्वय पोर्टल पर जांच करने पर उक्त नंबर से संबंधित ठगी की शिकायत दर्ज पाई गई। शिकायतकर्ता से पूछताछ में सामने आया कि उसे ग्लोबल ट्रेड कंपनी के माध्यम से स्टॉक मार्केट में निवेश कर तीन गुना मुनाफे का लालच दिया गया था। संदिग्ध लिंक के जरिए GLOBAL TRADE APK डाउनलोड कराई गई और क्यूआर कोड भेजकर तीन लाख रुपये निवेश कराए गए। बाद में रकम निकालने का प्रयास करने पर उसका अकाउंट बंद कर दिया गया और लगातार और पैसे डालने का दबाव बनाया गया। पीड़ित ने तत्काल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस टीम जलालाबाद में खंडहर की ओर जाने वाले मार्ग पर पहुंची, जहां SLG DIGI PVT. LTD. के नाम से फर्जी कॉल सेंटर संचालित पाया गया। वहां 10 से 12 कर्मचारी काम कर रहे थे। एमबीए पास है सरगना, पूरी टीम पढ़ी-लिखी पुलिस ने गिरोह के सरगना टिंकल गुप्ता पुत्र नरेंद्र गुप्ता निवासी आजाद नगर, जलालाबाद को गिरफ्तार किया। वह इनवर्टिस यूनिवर्सिटी से एमबीए पास है। उसके साथ प्रांजल सक्सेना उर्फ पुलकित (एमकॉम), निहाल सक्सेना उर्फ कुनाल (बीकॉम), दीपांशु (बीए), सिद्धांत मिश्रा उर्फ झम्मन और रोहित राठौर (बीकॉम) को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे 77DATA.NET वेबसाइट से पांच हजार रुपये में एक हजार लोगों का डेटा खरीदते थे। इसके बाद SLG DIGI PVT. LTD. के नाम पर रजिस्टर्ड नंबरों से कॉल कर निवेश का लालच देते थे। व्हाट्सएप और ई-मेल के जरिए https://www.globaltrade247.com/app का मैलिशस लिंक और क्यूआर कोड भेजकर GLOBAL TRADE APK डाउनलोड कराई जाती थी। निवेश के बाद फर्जी मुनाफा दिखाया जाता और रकम निकालने की बात पर अकाउंट बंद कर दिया जाता था। ठगी की रकम विभिन्न म्यूल अकाउंट्स के जरिए निजी खातों में ट्रांसफर कर ली जाती थी। पुलिस के अनुसार SLG DIGI PVT. LTD. के नाम पर अब तक करीब 50 सिम कार्ड और 13 म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल किया गया है। इनसे जुड़े दिल्ली, गुजरात, बिहार, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान सहित कई राज्यों में शिकायतें सामने आई हैं। करोड़ों रुपये की ठगी की आशंका है और अन्य पीड़ितों से संपर्क कर जांच जारी है। साइबर अपराध होने पर तत्काल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें अथवा www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
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