
बरेली में गौकशी गैंग का पर्दाफाश:पुलिस मुठभेड़ में तीन शातिर बदमाश ढेर,
रिर्पोटर/शाहिद
तमंचे–कारतूस–उपकरण बरामद
बरेली। थाना विशारतगंज पुलिस व सर्विलांस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गौकशी में लिप्त तीन कुख्यात अपराधियों का पर्दाफाश किया। शनिवार रात पराबहाउद्दीनपुर लिंक रोड पर हुई पुलिस मुठभेड़ में तीनों बदमाश घायल होकर गिरफ्तार कर लिए गए। ये आरोपी पहले भी कई बार गौवध के मामलों में जेल जा चुके हैं और पुनः बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।
20 नवंबर को जंगल में मिली थीं दो बछड़ों की क्षत-विक्षत लाशें
20 नवंबर 2025 को थाना विशारतगंज क्षेत्र स्थित केला फैक्ट्री के सामने जंगल में दो बछड़ों का क्षत-विक्षत शव मिलने से हड़कंप मच गया था। इस प्रकरण में पुलिस ने मु.अ.सं. 226/25 धारा 3/5/8 गौवध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर बदमाशों की तलाश शुरू की थी।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी, फिर शुरू हुई फायरिंग
30 नवंबर की रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि वही गैंग पराबहाउद्दीनपुर लिंक रोड के पास सरकारी ट्यूबवेल पर फिर से गौकशी की तैयारी में है। सूचना मिलते ही पुलिस व सर्विलांस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी की। पुलिस की आहट पाते ही अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में तीनों बदमाश पैर में गोली लगने से घायल होकर गिर पड़े।
गिरफ्तार तीनों शातिर अपराधी शाकिर पुत्र अनीश (24 वर्ष) – निवासी एजाज़नगर गौटिया, थाना बारादरी
इमरान उर्फ पैप्सी पुत्र छोटे (22 वर्ष) निवासी फरीदापुर, थाना इज्जतनगर
अनीस उर्फ अन्नी पुत्र सिद्दीक (46 वर्ष) निवासी फरीदापुर चौधरी, थाना इज्जतनगर
तीनों को हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया व आगे की कानूनी कार्रवाई की गई।
मुठभेड़ के बाद भारी मात्रा में बरामदगी 02 तमंचे 315 बोर 02 जिन्दा कारतूस 05 खोखा कारतूस बजाज डिस्कवर मोटरसाइकिल गौवध में प्रयुक्त प्लास्टिक का कट्टा व रस्सी आरोपी इमरान से ₹320 नगद
बरामदगी के आधार पर नया मुकदमा मु.अ.सं. 236/25, धारा 109 BNS एवं 3/25/27 (1-क) Arms Act में दर्ज किया गया।
पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे तीनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे रात के अंधेरे में आवारा पशुओं को पकड़कर उनके पैरों में रस्सी बांधकर वध करते थे।
मांस को प्लास्टिक के कट्टों में भरकर बेच देते थे।
वे पहले भी गौकशी के कई मामलों में जेल जा चुके हैं। 8–10 दिन पहले केला फैक्ट्री के पास दो बछड़ों का वध इन्हीं ने किया था।
पकड़े जाने से बचने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते।
सीसीटीवी से बचने के लिए जंगल के रास्तों का उपयोग करते थे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तीनों आरोपी बेहद शातिर और संगठित तरीके से जगह बदल-बदलकर गौकशी की घटनाएं अंजाम देते थे। टीम ने समय रहते कार्रवाई कर एक बड़ी वारदात को टाल दिया। फिलहाल आरोपियों के नेटवर्क और सप्लाई चैन की भी जांच की जा रही है।
