रिपोर्ट/शाहिद

की8 जहर देकर हत्या का आरो
रिपोर्ट/शाहिद
बरेली।जनपद के किला थाना क्षेत्र अंतर्गत खन्नू मोहल्ले में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में हड़कंप मच गया है।
मृतका की पहचान शहनाज के रूप में हुई है, जिनकी शादी 23 अप्रैल 2017 को मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार माजिद नवाज से हुई थी।
मृतका के भाई सुखा ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और जहर देकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है।
सुखा, निवासी सुर्खा बानखाना थाना प्रेमनगर, ने बताया कि शादी के बाद से ही शहनाज को दहेज को लेकर लगातार प्रताड़ित किया जाता था।
आरोप है कि पति माजिद नवाज, जेठ वारिस खान, जेठानी शीवा, ननद रूबी और नंदोई ताज खान द्वारा कम दहेज का ताना देकर गाली-गलौज, मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया जाता था। कई बार रिश्तेदारों और मोहल्ले के लोगों ने बीच-बचाव कर पंचायत कराई, साथ ही नकद राशि भी दी गई, इसके बावजूद मांगें जारी रहीं।
परिजनों का आरोप है कि ससुराल पक्ष द्वारा कार और पांच लाख रुपये नकद की अतिरिक्त मांग की जा रही थी।
मांग पूरी न होने पर शहनाज को भूखा रखने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं। पीड़िता ने इन घटनाओं की जानकारी अपने भाई को फोन पर दी थी, जिसकी कॉल रिकॉर्डिंग भी होने का दावा किया गया है।
बताया गया कि 14 जनवरी 2026 की सुबह करीब 9:30 बजे जेठानी शीवा ने फोन कर शहनाज की तबीयत गंभीर होने की सूचना दी।
सूचना मिलने पर परिजन तत्काल अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने शहनाज को मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार शव से झाग निकल रहा था और हाथ, मुंह तथा कान नीले पड़े हुए थे, जिसे वे जहरीले पदार्थ के सेवन के संकेत बता रहे हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस मामले में मृतका के भाई सुखा ने किला थाने में तहरीर देकर पति सहित पांच लोगों के खिलाफ हत्या, दहेज उत्पीड़न और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यदि आरोप प्रमाणित होते हैं, तो आरोपियों के खिलाफ कड़ी धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर समाज में दहेज प्रथा की गंभीरता को उजागर करती है। सामाजिक संगठनों ने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा दिए जाने की मांग की है।
