
बरेली में 166 वर्ष पुरानी रामबरात कल निकलेगी, संवेदनशील रूटों पर फ्लैग मार्च
रिपोर्ट /आशीष तिवारी
एसएसपी अनुराग आर्य और एडीजी रमित कुमार शर्मा ने संभाली कमान, छतों से लेकर बिजली तारों तक की जांच
बरेली। होली से एक दिन पहले निकलने वाली 166 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक रामबरात को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है।
2 और 3 मार्च को शहर के विभिन्न इलाकों से गुजरने वाली इस शोभायात्रा के मद्देनज़र व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील मार्गों पर अतिरिक्त फोर्स तैनात की जा रही है और वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद सड़कों पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
रविवार को एसपी सिटी मानुष पारीक ने क्षेत्राधिकारी प्रथम शिवम आशुतोष और क्षेत्राधिकारी द्वितीय अंजनी कुमार तिवारी के साथ कोतवाली, किला और प्रेमनगर थाना क्षेत्रों में रामबरात के तय रूट का पैदल निरीक्षण किया।
इस दौरान बिहारीपुर, कुतुबखाना, बड़ा बाजार और आलमगीरिगंज जैसे प्रमुख इलाकों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।
सड़कों की स्थिति, खुले नालों, ढीले बिजली तारों, छतों की गतिविधियों और संभावित अवरोधों की बारीकी से जांच की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जुलूस के दौरान किसी भी तरह की बाधा, अव्यवस्था या अफवाह की गुंजाइश नहीं रहनी चाहिए।
ए-प्लस श्रेणी के इलाकों में विशेष निगरानी
इस बार शहर में 867 स्थानों पर होली जुलूस और होलिका दहन प्रस्तावित हैं। प्रशासन ने संवेदनशीलता के आधार पर सभी स्थलों का वर्गीकरण किया है।
ए-प्लस श्रेणी में चिन्हित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी। जहां स्थायी सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध नहीं हैं, वहां अस्थायी कैमरे लगाए जा रहे हैं। भीड़भाड़ और विवादित क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई है।
पीएसी और आरएएफ की तैनाती, पूरा पुलिस बल मैदान में एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर जिले में उपलब्ध समस्त पुलिस बल को ड्यूटी पर लगाया गया है। कार्यालयों और पेशी शाखा में तैनात कर्मियों को भी फील्ड में उतारा गया है।
पहले से तैनात दो पीएसी कंपनियों के अलावा दो अतिरिक्त कंपनियां बुलाई गई हैं, जबकि एक कंपनी आरएएफ की भी तैनाती की गई है।
इसी क्रम में एसएसपी अनुराग आर्य और एडीजी रमित कुमार शर्मा ने भी शहर के संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जनता से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।
अलग-अलग तिथियों पर निकलेंगी रामबरात और नृसिंह शोभायात्रा उल्लेखनीय है कि 166 वर्ष पुरानी रामबरात और 74 वर्ष पुरानी नृसिंह शोभायात्रा इस बार अलग-अलग तिथियों पर आयोजित की जाएंगी। चंद्र ग्रहण के कारण पारंपरिक संयुक्त आयोजन संभव नहीं हो पाएगा।
प्रशासन का दावा है कि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और सख्त निगरानी के बीच शहर में आस्था, उल्लास और भाईचारे का माहौल शांतिपूर्ण ढंग से बनाए रखा जाएगा।
