सपा छात्र सभा का बरेली में विशाल 'छात्र न्याय मार्च': काली पट्टी बांध सड़कों पर उतरे हजारों युवा, कलेक्ट्रेट पर दिया धरना
TALK 24 | शाहिद मिर्ज़ा यूपी हेड रिपोर्ट
अविनाश मिश्रा के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर भारी प्रदर्शन
बरेली। प्रदेश सरकार की शिक्षा, छात्र और युवा-विरोधी नीतियों के खिलाफ मंगलवार को समाजवादी छात्र सभा बरेली के तत्वाधान में 'छात्र न्याय आंदोलन' के तहत विशाल 'छात्र न्याय मार्च' निकाला गया। जिलाध्यक्ष अविनाश मिश्रा के नेतृत्व में हजारों की संख्या में पहुंचे छात्रों, युवाओं और प्रतियोगी परीक्षार्थियों ने अपनी बांह पर काली पट्टी बांधकर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन की शुरुआत में बरेली कॉलेज के पूर्वी गेट पर छात्रों का भारी जनसैलाब एकत्रित हुआ। छात्र नारेबाजी करते हुए जैसे ही परिसर के अंदर से गुजरकर पश्चिमी गेट की ओर बढ़ने लगे, वहां मौजूद भारी पुलिस बल और कॉलेज प्रशासन ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान माहौल गर्मा गया और जिलाध्यक्ष अविनाश मिश्रा की अधिकारियों के साथ तीखी नोकझोंक हुई। अविनाश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जिसके बाद युवाओं के आक्रोश के आगे अंततः पुलिस-प्रशासन को पीछे हटना पड़ा और रास्ता देना पड़ा।
इसके पश्चात 'छात्र एकता जिंदाबाद', 'पेपर लीक बंद करो', 'शिक्षा का निजीकरण नहीं चलेगा' और 'छात्रसंघ चुनाव बहाल करो' के गगनभेदी नारों के साथ छात्रों का हुजूम कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ा। कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर पहुंचते ही प्रदर्शनकारी सड़क और गेट पर ही धरने पर बैठ गए, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। घंटों चले जोरदार प्रदर्शन व नारेबाजी के बाद महामहिम राज्यपाल को संबोधित 16-सूत्रीय मांग-पत्र जिलाधिकारी के माध्यम से सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अविनाश मिश्रा ने कहा कि कम छात्र संख्या का बहाना बनाकर प्रदेश के 29,000 से अधिक प्राथमिक विद्यालयों का विलय व बंदी करना आरटीई एक्ट का खुला उल्लंघन है, जिससे गरीब व दलित वर्ग की बेटियां शिक्षा से वंचित हो जाएंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बरेली कॉलेज जैसी ऐतिहासिक धरोहर पर नगर निगम द्वारा 32 करोड़ का कर लादना और अनुचित फीस वृद्धि करना सरकार की तानाशाही मानसिकता का सबूत है। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि लगातार पेपर लीक और लेट-लतीफी से ओवर-एज हो चुके लाखों युवाओं को आगामी भर्ती परीक्षाओं में 3 वर्ष की आयु सीमा में छूट दी जाए। प्रदेश उपाध्यक्ष सय्यद फरहान अली और महानगर अध्यक्ष विक्रांत पाल ने भी संबोधित करते हुए कहा कि यदि मांगें न मानी गईं तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में व्यापक रूप लेगा।
ज्ञापन के माध्यम से 29,000 प्राथमिक स्कूलों की बंदी का निर्णय रद्द करने, बरेली कॉलेज, रुहेलखंड विश्वविद्यालय व प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों में बंद पड़े छात्रसंघ चुनावों को तुरंत बहाल करने, बरेली कॉलेज पर बकाया 32 करोड़ का नगर निगम टैक्स पूर्णतः माफ करने तथा 'अग्निवीर' योजना को समाप्त कर स्थायी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की प्रमुख मांग की गई। इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं के केंद्र अभ्यर्थियों के गृह मंडल में बनाने, हॉस्टल व PG के मनमाने किराए पर रोक लगाने हेतु जिला स्तर पर 'रेंट कंट्रोल कमेटी' गठित करने, रोकी गई छात्रवृत्ति तुरंत खातों में जारी करने, UPSRTC की बसों में 75% रियायती 'स्टूडेंट बस पास' लागू करने, कोचिंग हब में 24x7 मुफ़्त डिजिटल लाइब्रेरी, मेंटल हेल्थ काउंसलिंग सेल और देर रात निकलने वाले छात्रों की सुरक्षा के लिए 'विशेष स्टूडेंट नाइट पेट्रोलिंग' शुरू करने की मांग उठाई गई।
इस विशाल प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष अविनाश मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष सय्यद फरहान अली, महानगर अध्यक्ष विक्रांत पाल, जिला पंचायत सदस्य गजेंद्र यादव, लोहिया वाहिनी जिलाध्यक्ष भुवनेश प्रधान, यूथ ब्रिगेड जिलाध्यक्ष एजाज अहमद, हरेन्द्र कन्नौजिया, सय्यद इम्तियाज अली, जेपी यादव, जिला महासचिव अमरीश यादव, आकाश यादव, अमन यादव, किशन यादव, समीर वर्मा, नरवीर दिवाकर, रामवीर दिवाकर, सौरभ यादव, विधानसभा अध्यक्ष हरविंद यादव, गौरव यादव, अर्पित उपाध्याय, उत्कर्ष मिश्रा, पिंकू गुर्जर, प्रदीप भाटी, रिजवान खान, रेहान रजा, आमिर खान, गौरव मिश्रा, सोहिल खान, सोमेंद्र यादव, सुदेश यादव सहित तमाम पदाधिकारी, छात्र नेता तथा बरेली कॉलेज व रुहेलखंड विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।