फर्जी आयुर्वेदिक कंपनी बनाकर बेच रहे थे शुगर की दवाएं, तीन गिरफ्तार
TALK 24 शाहिद बेग यूपी हेड
फर्जी आयुर्वेदिक कंपनी बनाकर बेच रहे थे शुगर की दवाएं, तीन गिरफ्तार
तीन दिन में शुगर ठीक करने का झांसा देकर ऑनलाइन करते थे दवाओं की बिक्री, फर्जी वेबसाइट से लेकर बिल और शिपिंग लेबल तक तैयार किए; 14 मोबाइल, तीन लैपटॉप और 75 दवाएं बरामद
बरेली। शुगर की बीमारी से परेशान लोगों को जल्द ठीक करने का झांसा देकर फर्जी आयुर्वेदिक दवाएं बेचने वाले गिरोह का बारादरी पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सैलानी मोहल्ले में यादगार रेस्टोरेंट के पास एक मकान में छापा मारकर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी कथित तौर पर फर्जी आयुर्वेदिक कंपनी और वेबसाइट तैयार कर ऑनलाइन प्रचार करते थे और फोन पर ऑर्डर लेकर दवाओं की डिलीवरी कराते थे।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साजिद मलिक निवासी जादोपुर, इस्लाम निवासी एजाजनगर गौटिया और मो. जफर निवासी पशुपति विहार के रूप में हुई है। गिरोह के दो अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने कुल पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
तीन दिन में शुगर ठीक करने का करते थे दावा
जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया और फर्जी वेबसाइट के जरिए शुगर के मरीजों को निशाना बनाते थे। विज्ञापनों में कथित तौर पर दावा किया जाता था कि उनकी आयुर्वेदिक दवा से सिर्फ तीन दिन में शुगर की बीमारी ठीक हो सकती है। बीमारी से परेशान लोग जब विज्ञापन में दिए गए नंबर पर संपर्क करते थे तो आरोपी फोन पर उनकी जानकारी लेकर दवा का ऑर्डर बुक करते थे।
इसके बाद दवाओं को कैश ऑन डिलीवरी के माध्यम से ग्राहकों तक भेजा जाता था। पुलिस को शक है कि ग्राहकों का भरोसा कायम रखने के लिए आरोपियों ने बाकायदा फर्जी कंपनी के नाम से बिल, पैकेजिंग और शिपिंग लेबल तैयार करने की व्यवस्था कर रखी थी।
दो नामों से बेची जा रही थीं संदिग्ध दवाएं
छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके से Diabo Diabetic Powder और Brahm Sugar Care समेत 75 दवाएं मिली हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य सामान भी बरामद किया गया।
पुलिस ने मौके से 14 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप और दो चार्जर बरामद किए हैं। साथ ही फर्जी बिल, शिपिंग लेबल और वेबसाइट से जुड़ा डेटा भी पुलिस के हाथ लगा है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की जांच कर पुलिस गिरोह के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
सैलानी में करीब एक महीने से चल रहा था खेल
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि सैलानी मोहल्ले में करीब एक महीने से यह पूरा काम संचालित किया जा रहा था। मकान से ही ऑनलाइन प्रचार, ग्राहकों से संपर्क और दवाओं की बिक्री से जुड़ी गतिविधियां की जा रही थीं।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन दवाओं को कहां तैयार किया जाता था, इनमें कौन-कौन से पदार्थ इस्तेमाल किए जाते थे और इनके पीछे कितने लोग जुड़े हुए हैं। वेबसाइट और सोशल मीडिया अकाउंट से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
फरार आरोपियों की तलाश तेज
बारादरी पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इनमें से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच के दौरान बरामद दवाओं और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कराई जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को दवाएं भेजीं और ऑनलाइन बिक्री के जरिए कितनी रकम की कमाई की।
फर्जी इलाज के दावों से रहें सावधान: शुगर जैसी गंभीर बीमारी को कुछ ही दिनों में पूरी तरह ठीक करने के दावे वाले ऑनलाइन विज्ञापनों पर भरोसा करने से पहले दवा और उसके निर्माता की वैधता की जांच करना बेहद जरूरी है।