धर्मेंद्र कश्यप ने सोशल मीडिया पर पेश किया भाजपा से इस्तीफा, भीतरघात और पिछड़े समाज की उपेक्षा के आरोप
TALK 24| शाहिद मिर्ज़ा यूपी हेड रिपोर्ट
धर्मेंद्र कश्यप ने सोशल मीडिया पर पेश किया भाजपा से इस्तीफा, भीतरघात और पिछड़े समाज की उपेक्षा के आरोप
पूर्व सांसद ने प्राथमिक और सक्रिय सदस्यता से त्यागपत्र की पेशकश की, लोकसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ वोटिंग करने वालों को अहम जिम्मेदारी मिलने पर जताई नाराजगी
बरेली। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने सोशल मीडिया पर अपना इस्तीफा पेश करते हुए पार्टी की प्राथमिक और सक्रिय सदस्यता से त्यागपत्र देने की घोषणा की है। उनके इस्तीफे के सामने आते ही बरेली की सियासत में हलचल तेज हो गई है।धर्मेंद्र कश्यप ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, क्षेत्रीय अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष को संबोधित अपने त्यागपत्र में पार्टी संगठन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा में भीतरघात करने वाले और लोकसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ वोटिंग करने वाले नेताओं को संगठन में प्रथम पंक्ति में स्थान दिया गया, जबकि पिछड़े और अति पिछड़े समाज को अपेक्षित सम्मान और राजनीतिक स्थान नहीं मिला। पूर्व सांसद ने अपने त्यागपत्र में लिखा कि इन्हीं परिस्थितियों से आहत होकर वह भाजपा की प्राथमिक सदस्यता और सक्रिय सदस्यता से त्यागपत्र दे रहे हैं। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से उनका इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध किया है।
सोशल मीडिया पर इस्तीफा सामने आते ही सियासी हलचल
धर्मेंद्र कश्यप की ओर से सोशल मीडिया पर इस्तीफे की पेशकश किए जाने के बाद राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। उनके इस फैसले को बरेली की भाजपा राजनीति के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। खास तौर पर पिछड़े और अति पिछड़े समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर उनके उठाए सवालों ने बहस को और हवा दे दी है।धर्मेंद्र कश्यप ने अपने पत्र में किसी एक नेता का नाम लिए बिना संगठन में ऐसे लोगों को महत्व दिए जाने पर सवाल उठाया है, जिन पर उनके अनुसार चुनाव के दौरान पार्टी के खिलाफ काम करने और वोटिंग करने के आरोप रहे। उनका कहना है कि पार्टी को कमजोर करने वालों को महत्वपूर्ण स्थान मिलना कार्यकर्ताओं के लिए चिंता का विषय है।
इस्तीफे के बाद अब भाजपा के जवाब का इंतजार
धर्मेंद्र कश्यप के इस्तीफे के बाद अब नजर भाजपा संगठन की प्रतिक्रिया पर है। पार्टी नेतृत्व उनके आरोपों पर क्या जवाब देता है और क्या उन्हें मनाने की कोई कोशिश होती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। पूर्व सांसद के इस फैसले ने बरेली की सियासत में नए राजनीतिक समीकरणों की चर्चाओं को जन्म दे दिया है। आने वाले दिनों में धर्मेंद्र कश्यप का अगला राजनीतिक कदम क्या होगा, इस पर भी सभी की नजरें टिकी हैं।