महापौर के रक्षाबंधन कार्यक्रम में महिला की मौत पर बड़ा खुलासा! भगदड़ की खबर निकली अफवाह, बीमारी के चलते हुई मधु की मौत
महापौर के रक्षाबंधन कार्यक्रम में महिला की मौत पर बड़ा खुलासा! भगदड़...
TALK 24 शाहिद बेग यूपी हेड
महापौर के रक्षाबंधन कार्यक्रम में महिला की मौत पर बड़ा खुलासा! भगदड़ की खबर निकली अफवाह, बीमारी के चलते हुई मधु की मौत
महापौर के रक्षाबंधन कार्यक्रम में महिला की मौत पर बड़ा खुलासा! भगदड़ की खबर निकली अफवाह, बीमारी के चलते हुई मधु की मौ
मृतका के पति भगवान सिंह फौजी ने खुद सामने आकर साफ किया मामला, बोले- कार्यक्रम से सुरक्षित लौट रही थीं पत्नी, रास्ते में बिगड़ी तबीयत
बरेली। महापौर डॉ. उमेश गौतम के रक्षाबंधन कार्यक्रम के बाद महिला की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर तेजी से फैली भगदड़ की खबर ने शहर में सनसनी फैला दी थी। दावा किया गया कि कार्यक्रम में भगदड़ के दौरान एक महिला दब गई और उसकी मौत हो गई। लेकिन अब मृतका के परिवार की ओर से सामने आए बयान ने इस दावे पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
मृतका की पहचान मधु के रूप में हुई है। उनके पति भगवान सिंह फौजी ने स्पष्ट किया है कि उनकी पत्नी कार्यक्रम में शामिल होने गई थीं और कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सुरक्षित वहां से निकल गई थीं। घर लौटते समय रास्ते में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।
परिजन उन्हें तत्काल मिशन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने इलाज का प्रयास किया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
पति ने कहा- भगदड़ में नहीं हुई पत्नी की मौत
भगवान सिंह फौजी के मुताबिक उनकी पत्नी पहले से ही बीमार रहती थीं। उन्होंने साफ कहा कि मधु की मौत कार्यक्रम में किसी भगदड़, दबने या हादसे के कारण नहीं हुई।
परिवार के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुई उन पोस्ट और संदेशों की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं, जिनमें महिला की मौत को सीधे कार्यक्रम में हुई भगदड़ से जोड़ दिया गया था।
अगर भगदड़ हुई थी तो वीडियो कहां है?
इस पूरे मामले में एक अहम सवाल यह भी उठ रहा है कि जिस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, वहां कथित भगदड़ का कोई स्पष्ट वीडियो या प्रत्यक्ष प्रमाण अब तक सामने क्यों नहीं आया?
आज लगभग हर सार्वजनिक कार्यक्रम में लोग मोबाइल फोन से वीडियो बनाते हैं। ऐसे में यदि वास्तव में कोई बड़ी भगदड़ हुई होती, तो उसके दृश्य, वीडियो या फोटो ज़रूर होते..
इसके विपरीत, मृतका के पति का बयान सामने आया है कि उनकी पत्नी कार्यक्रम से सुरक्षित निकली थीं और बाद में रास्ते में उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हुई।
सोशल मीडिया पर अफवाह ने बढ़ाया भ्रम
मामले ने यह भी दिखा दिया कि किसी संवेदनशील घटना की आधी-अधूरी जानकारी सोशल मीडिया पर कितनी तेजी से फैल सकती है। महिला की मौत को कार्यक्रम की कथित भगदड़ से जोड़कर प्रसारित किए गए संदेशों ने शहर में भ्रम की स्थिति पैदा कर दी।
अब परिवार की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद सवाल यह है कि बिना पुष्टि के ऐसी खबर सबसे पहले किस आधार पर फैलाई गई और उसे आगे बढ़ाने वालों ने क्या इसकी सच्चाई जानने की कोशिश की थी?
मेयर की छवि को लेकर भी उठे सवाल
मामले में अब राजनीतिक और मीडिया स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। कार्यक्रम के बाद महिला की मौत को भगदड़ से जोड़कर जिस तरह प्रचारित किया गया, उससे महापौर डॉ. उमेश गौतम की छवि को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं।
कुछ लोगों का आरोप है कि घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने के पीछे राजनीतिक या व्यक्तिगत स्वार्थ हो सकते हैं। यहां तक कि सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या किसी सुनियोजित तरीके से माहौल बनाकर महापौर की छवि खराब करने की कोशिश की गई?
हालांकि किसी व्यक्ति या मीडिया कर्मी द्वारा रकम मांगने या वसूली की साजिश किए जाने के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इन दावों को जांच के बिना तथ्य मानना उचित नहीं होगा। यदि किसी के पास ऐसे आरोपों से जुड़े साक्ष्य हैं तो उन्हें संबंधित अधिकारियों के सामने रखना चाहिए।
परिवार की अपील- अफवाहों से बचें
मधु के परिवार ने लोगों से अपील की है कि महिला की मौत जैसे संवेदनशील मामले में बिना पुष्टि के कोई पोस्ट, वीडियो या संदेश साझा न करें। परिवार का कहना है कि पहले से दुखी परिजनों के लिए गलत खबरें और अफवाहें पीड़ा को और बढ़ाती हैं।
अब असली सवाल यही- आखिर किसने फैलाई भगदड़ की कहानी?
मधु की मौत को लेकर परिवार का बयान सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर किस आधार पर उनकी मौत को कार्यक्रम की भगदड़ से जोड़कर प्रचारित किया गया?
सच्चाई यह है कि मृतका के पति के बयान के मुताबिक मधु कार्यक्रम से सुरक्षित निकली थीं और बाद में तबीयत बिगड़ने के बाद उनकी मौत हुई। ऐसे में पूरे मामले की पुष्टि तथ्यों, चिकित्सकीय दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होनी चाहिए, न कि सोशल मीडिया की वायरल पोस्ट के आधार पर।