बरेली सेंट्रल जेल में दिखा अनोखा रक्षाबंधन: सलाखों के पीछे बंधा स्नेह, भाइयों की कलाई पर सजी बहनों की राखी।
TALK 24 शाहिद मिर्ज़ा यूपी हेड
बरेली: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जहां एक तरफ आम घरों में जश्न का माहौल रहा, वहीं बरेली सेंट्रल जेल की ऊंची दीवारों और कड़े पहरे के बीच भी भाई-बहन के अटूट प्रेम की अनूठी तस्वीर देखने को मिली। सलाखों के पीछे बंद भाइयों की कलाइयां इस बार भी सूनी नहीं रहीं, बल्कि सैकड़ों बहनें दूर-दराज के इलाकों से राखी लेकर अपने भाइयों से मिलने जेल पहुंचीं। पर्व के दिन सुबह से ही जेल के बाहर बहनों की लंबी कतारें और भारी भीड़ जुटने लगी, जिससे पूरा माहौल बेहद भावुक नजर आया।
राज्य शासन के विशेष निर्देशों के अनुपालन में जेल प्रशासन की तरफ से बंदी भाइयों को राखी बंधवाने के लिए विशेष मुलाकात के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। लंबे समय बाद अपने भाई को सामने देख कई बहनों की आंखें खुशी और दर्द दोनों वजहों से नम हो गईं।
मुलाकात के दौरान बहनों ने विधि-विधान से अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा, उन्हें मिठाई खिलाई और उनकी सलामती की दुआ मांगी। इस दौरान कई बहनें अपने भाइयों को जल्द रिहाई का ढांढस बंधाती नजर आईं, तो कुछ ने उन्हें हिम्मत रखने और परिवार की फिक्र न करने का भरोसा दिलाया।
जेल प्रशासन ने भी रक्षाबंधन के इस संवेदनशील मौके को ध्यान में रखते हुए आगंतुक बहनों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की थीं, ताकि उन्हें मिलने-जुलने में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। तय समय की इस मुलाकात के दौरान भाई-बहनों ने एक-दूसरे का कुशलक्षेम जाना और परिवार की पुरानी बातें साझा कीं।
जेल की इन चार दीवारों के बीच राखी का यह पावन पर्व खुशियों के साथ-साथ अपनों से बिछड़ने के दर्द को भी बयां कर रहा था। इस दृश्य ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जेल की सलाखें भले ही भाइयों और बहनों के बीच शारीरिक दूरी पैदा कर दें, लेकिन बहन के हाथ से बंधी राखी का धागा हर परिस्थिति और हालात से कहीं ज्यादा मजबूत होता है।